नर्मदा जी के 108 नाम (अष्टोत्तर शतनामावली)
नर्मदा जी के 108 नाम का जप अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है। यह केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन का एक शक्तिशाली माध्यम है।
🔱 नर्मदा जी के 108 नाम
- ॐ नर्मदायै नमः
- ॐ रेवा नमः
- ॐ शिवप्रिया नमः
- ॐ शिवा नमः
- ॐ शुद्धा नमः
- ॐ पावनी नमः
- ॐ महापुण्या नमः
- ॐ पापनाशिनी नमः
- ॐ त्रिलोकपावनी नमः
- ॐ शिवदुहिता नमः
- ॐ जगदम्बा नमः
- ॐ लोकमाता नमः
- ॐ आनंददायिनी नमः
- ॐ मोक्षदायिनी नमः
- ॐ तीर्थरूपा नमः
- ॐ तपस्विनी नमः
- ॐ दिव्यरूपा नमः
- ॐ कल्याणी नमः
- ॐ भुक्तिमुक्तिप्रदा नमः
- ॐ गंगास्वरूपिणी नमः
- ॐ यमुनास्वरूपिणी नमः
- ॐ सरस्वतीस्वरूपिणी नमः
- ॐ सप्तसिंधुमयी नमः
- ॐ जलरूपिणी नमः
- ॐ शीतला नमः
- ॐ करुणामयी नमः
- ॐ मंगलप्रदा नमः
- ॐ भक्तवत्सला नमः
- ॐ दीनबंधु नमः
- ॐ शिववल्लभा नमः
- ॐ त्रिपथगा नमः
- ॐ पुण्यदा नमः
- ॐ जीवनदायिनी नमः
- ॐ अमृतमयी नमः
- ॐ सौभाग्यप्रदा नमः
- ॐ रोगनाशिनी नमः
- ॐ भयहारिणी नमः
- ॐ दुःखनाशिनी नमः
- ॐ संतोषदायिनी नमः
- ॐ तपोभूमि नमः
- ॐ योगिनी नमः
- ॐ ब्रह्मस्वरूपिणी नमः
- ॐ विष्णुप्रिया नमः
- ॐ रुद्ररूपिणी नमः
- ॐ शांतिदायिनी नमः
- ॐ सिद्धिदायिनी नमः
- ॐ महाशक्ति नमः
- ॐ आदिशक्ति नमः
- ॐ सनातनी नमः
- ॐ विश्वरूपिणी नमः
- ॐ विश्वधारिणी नमः
- ॐ विश्वपूजिता नमः
- ॐ पुण्यसलिला नमः
- ॐ सर्वतीर्थमयी नमः
- ॐ सर्वपापहरा नमः
- ॐ पुण्यप्रदा नमः
- ॐ शिवपूजिता नमः
- ॐ ऋषिसेविता नमः
- ॐ तपोवती नमः
- ॐ दयामयी नमः
- ॐ कृपामयी नमः
- ॐ सुखप्रदा नमः
- ॐ शरणागतवत्सला नमः
- ॐ शांति नमः
- ॐ तेजस्विनी नमः
- ॐ दिव्यगंगा नमः
- ॐ मुक्तिदायिनी नमः
- ॐ पावनधारा नमः
- ॐ पुण्यगंगा नमः
- ॐ महाशुभा नमः
- ॐ नित्यपवित्रा नमः
- ॐ विश्वमाता नमः
- ॐ योगमाया नमः
- ॐ महायोगिनी नमः
- ॐ शिवतत्वप्रकाशिनी नमः
- ॐ आनंदमयी नमः
- ॐ परमशुद्धा नमः
- ॐ मोक्षप्रदा नमः
- ॐ भवरोगहरिणी नमः
- ॐ कालदोषनाशिनी नमः
- ॐ पुण्यप्रकाशिनी नमः
- ॐ दिव्यजलधारा नमः
- ॐ जीवनशक्ति नमः
- ॐ श्रद्धारूपिणी नमः
- ॐ भक्तिस्वरूपिणी नमः
- ॐ संतोषरूपिणी नमः
- ॐ आत्मशुद्धिदायिनी नमः
- ॐ पुण्यवर्धिनी नमः
- ॐ धर्मसंरक्षिणी नमः
- ॐ शुद्धचित्तप्रदा नमः
- ॐ योगसिद्धिदायिनी नमः
- ॐ महापावनी नमः
- ॐ भुक्तिदायिनी नमः
- ॐ परमगंगा नमः
- ॐ शिवशक्ति नमः
- ॐ महाधारा नमः
- ॐ पुण्यसलिला नमः
- ॐ विश्वशुद्धिकारी नमः
- ॐ ब्रह्मधारा नमः
- ॐ दिव्यतीर्था नमः
- ॐ पुण्यस्रोतस्विनी नमः
- ॐ जीवनमुक्तिदायिनी नमः
- ॐ पापविनाशिनी नमः
- ॐ महातीर्था नमः
- ॐ शाश्वती नमः
- ॐ अखंडा नमः
- ॐ अनंतगामिनी नमः
- ॐ शिवानंददायिनी नमः
🪔 जप विधि
- सुबह स्नान के बाद शांत स्थान पर बैठें
- नर्मदा जी का स्मरण करें
- 108 नाम माला से जपें
- अंत में प्रार्थना करें
🌊 महत्व
इन नामों का जप मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।
❓ FAQs
नर्मदा जी के 108 नाम का जप कब करें?
सुबह या शाम, दोनों समय शुभ हैं।
क्या घर पर जप कर सकते हैं?
हाँ, श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण है।
कितनी बार जप करें?
कम से कम 108 बार (1 माला)।