नहीं।
नर्मदा परिक्रमा रेजिस्ट्रेशन एक स्वैच्छिक, आध्यात्मिक परंपरा है, कोई सरकारी तीर्थ योजना नहीं।
- न अमरकंटक में
- न ओंकारेश्वर में
- न किसी सरकारी पोर्टल पर
👉 कोई mandatory registration system नहीं है।
अगर कोई कहे कि “registration जरूरी है”, तो समझिए वह:
- या तो गलत जानकारी दे रहा है
- या आपको किसी commercial service में फँसाना चाहता है
🔹 क्या कहीं optional registration उपलब्ध है?
हाँ, हाल ही में Gujarat Government द्वारा एक portal उपलब्ध कराया गया है:
👉 Yatradham Portal
इस पर आप यहाँ register कर सकते हैं:
https://yatradhamportal.gujarat.gov.in/UserRegistration
📌 ध्यान रखें:
- यह पूरी नर्मदा परिक्रमा के लिए नहीं है
- यह केवल गुजरात राज्य के कुछ तीर्थ स्थलों और आश्रमों तक सीमित है
- यह optional है, mandatory नहीं
👉 मतलब साफ है:
यह सुविधा है, नियम नहीं।
2️⃣ क्या ओंकारेश्वर या अमरकंटक से authorization letter मिलता है?
Official रूप से – नहीं।
लेकिन यहाँ एक परंपरागत सच्चाई है, जिसे समझना जरूरी है 👇
🔹 अमरकंटक / ओंकारेश्वर में क्या होता है?
कुछ साधु-संत, अखाड़े या पुराने आश्रम:
- यात्रियों को
- मौखिक आशीर्वाद
- कभी-कभी साधारण पत्र / पर्ची
दे देते हैं।
📌 यह:
- कोई legal authorization नहीं
- कोई compulsory document नहीं
- और कोई universal rule नहीं
यह सिर्फ:
“आप नर्मदा परिक्रमा के लिए निकले हैं”
इस भाव की सांस्कृतिक पुष्टि होती है।
3️⃣ क्या हर आश्रम से stamp लगवाना पड़ता है?
बिल्कुल नहीं।
यह सबसे बड़ा myth है।
❌ कोई ऐसा नियम नहीं कि:
- हर आश्रम
- हर धर्मशाला
- हर पड़ाव
से stamp लेना जरूरी हो।
✔ हकीकत क्या है?
- ज़्यादातर आश्रम stamp देते ही नहीं
- कई आश्रम सिर्फ मौखिक अनुमति से ठहराते हैं
- कुछ जगह नाम तक नहीं पूछते
परिक्रमा कोई passport यात्रा नहीं है।
4️⃣ फिर “परिक्रमा पास / डायरी” क्या होती है?
यह एक व्यक्तिगत विकल्प है, नियम नहीं।
कुछ यात्री:
- अपनी परिक्रमा डायरी रखते हैं
- जिसमें:
- तारीख
- स्थान
- अनुभव
- कभी-कभी आश्रम का नाम
लिखते हैं
📌 कुछ पुराने आश्रम:
- अगर आपके पास डायरी हो
- और आप विनम्रता से कहें
तो: - signature
- या simple stamp
कर देते हैं
👉 यह स्मृति के लिए होता है, मान्यता के लिए नहीं।
5️⃣ परिक्रमा की “मान्यता” किससे होती है?
नर्मदा परिक्रमा की मान्यता:
- किसी कागज़ से नहीं
- किसी stamp से नहीं
- किसी certificate से नहीं
👉 आपके आचरण से होती है।
परंपरागत रूप से परिक्रमा वही मानी जाती है जिसमें:
- नर्मदा को हमेशा दाईं ओर रखा जाए
- नदी पार न की जाए
- सादगी रखी जाए
- संयम, अहिंसा, विनम्रता हो
बस। यही “authorization” है।
6️⃣ फिर लोग registration की बात क्यों करते हैं?
तीन कारण होते हैं:
1️⃣ Commercial groups
जो paid parikrama करवाते हैं
और formal look देने के लिए registration कहते हैं।
2️⃣ NGO / Trust programs
जो अपनी internal safety list के लिए नाम लिखते हैं।
3️⃣ गलतफहमी
कई लोग चारधाम या अमरनाथ जैसी यात्राओं से तुलना कर लेते हैं।
नर्मदा परिक्रमा इन सबसे अलग है।
7️⃣ Practical advice (real world)
अगर आप अकेले या साधारण रूप से जा रहे हैं:
✔ कोई registration मत ढूँढिए
✔ कोई authorization letter की चिंता मत कीजिए
✔ stamp के पीछे मत भागिए
अगर आपको मानसिक संतोष चाहिए:
- अमरकंटक में नर्मदा कुंड पर
- या ओंकारेश्वर में
बस संकल्प ले लीजिए
यही पर्याप्त है।
8️⃣ एक लाइन में पूरा निष्कर्ष
नर्मदा परिक्रमा में न कोई permit चाहिए,
न कोई stamp,
न कोई authorization letter।
यह यात्रा कागज़ों से नहीं,
आस्था और आचरण से पूरी होती है।