नर्मदा परिक्रमा मार्ग का रहस्य : उत्तर और दक्षिण तट का आध्यात्मिक महत्व

🌿 परिचय नर्मदा माता की परिक्रमा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि यह जीवन के द्वैत का प्रतीक है।नर्मदा का उत्तर तट और दक्षिण तट दो मार्ग हैं— जो संसार और साधना, स्थूल और सूक्ष्म, कर्म और भक्ति के दो पहलू माने जाते हैं।हर यात्री के लिए यह जानना आवश्यक है कि इन दोनों तटों

नर्मदा तट के 15 प्रमुख तीर्थ, जहाँ हर कदम पर है दिव्यता

🌸 परिचय नर्मदा तट पर बसे हर तीर्थ में कोई न कोई कथा जीवित है। ये स्थल केवल पाषाण नहीं, बल्कि भक्ति के साक्षात प्रतीक हैं। 🔱 प्रमुख 15 तीर्थ: 🌿 निष्कर्ष इन तीर्थों का दर्शन करना नर्मदा परिक्रमा को पूर्णता प्रदान करता है। हर घाट एक श्लोक की तरह है, भक्ति, इतिहास और आत्मज्ञान

नर्मदा परिक्रमा के 7 अद्भुत नियम और आवश्यक सावधानियाँ | सम्पूर्ण यात्रा मार्गदर्शन

🌼 प्रस्तावना नर्मदा परिक्रमा केवल एक तीर्थ यात्रा नहीं, यह आस्था, अनुशासन और आत्म-शुद्धि का मार्ग है। सदियों से साधक इस यात्रा को जीवन का महान साधन मानते आ रहे हैं। परंतु इस महान यात्रा के दौरान कुछ विशेष नियम और सावधानियाँ पालन करना अनिवार्य है ताकि यात्रा सुरक्षित, सफल और पवित्र बनी रहे। 🪔

नर्मदा परिक्रमा मार्ग और प्रमुख तीर्थस्थान: माँ नर्मदा की आराधना का दिव्य पथ

🌊 नर्मदा परिक्रमा मार्ग आस्था और साधना का पथ नर्मदा परिक्रमा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि यह जीवन को पुनः देखने की साधना है।माँ नर्मदा के तटों पर चलने वाला हर यात्री यह अनुभव करता है कि प्रकृति, ईश्वर और आत्मा एक ही धारा में प्रवाहित हैं। यह यात्रा लगभग 3500 किलोमीटर लंबी होती है

Need Help?