नर्मदा परिक्रमा के दौरान चमत्कारिक घटनाएँ: आस्था और अनुभव के साक्षी प्रसंग

नर्मदा परिक्रमा के दौरान चमत्कारिक घटनाएँ: आस्था और अनुभव के साक्षी प्रसंग नर्मदा परिक्रमा अपने आप में एक अलौकिक साधना है। जो यात्री इस यात्रा पर निकलते हैं, वे केवल भूमि नहीं नापते, बल्कि आत्मा की परिक्रमा करते हैं। इस मार्ग पर ऐसे अनगिनत प्रसंग घटे हैं जिन्हें यात्रियों ने “माँ की कृपा” कहा। आइए

नर्मदा परिक्रमा की पौराणिक कथाएँ और महत्व

नर्मदा परिक्रमा की अनेक कथाएँ हैं कहा जाता है भगवान शंकर के तप से नर्मदा का उद्भव हुआ। पौराणिक ग्रंथों में इसका वर्णन है कि जो भक्त नर्मदा की परिक्रमा करता है, उसे अनेक जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है। नर्मदा तट पर स्थित ओंकारेश्वर, अमरकंटक, महेश्वर, और तिलकवाड़ा जैसे स्थान आध्यात्मिक ऊर्जाओं के

नर्मदा परिक्रमा के 7 अद्भुत नियम और आवश्यक सावधानियाँ | सम्पूर्ण यात्रा मार्गदर्शन

🌼 प्रस्तावना नर्मदा परिक्रमा केवल एक तीर्थ यात्रा नहीं, यह आस्था, अनुशासन और आत्म-शुद्धि का मार्ग है। सदियों से साधक इस यात्रा को जीवन का महान साधन मानते आ रहे हैं। परंतु इस महान यात्रा के दौरान कुछ विशेष नियम और सावधानियाँ पालन करना अनिवार्य है ताकि यात्रा सुरक्षित, सफल और पवित्र बनी रहे। 🪔

नर्मदा परिक्रमा यात्रा: माँ नर्मदा के तटों पर आस्था और आत्मबोध की अद्भुत साधना

🌊 माँ नर्मदा — जीवन, श्रद्धा और साधना की धारा भारत की पवित्र नदियों में नर्मदा का स्थान अद्वितीय है। कहा जाता है — “गंगा स्नान से पाप धुलते हैं, पर नर्मदा दर्शन से ही मुक्ति मिलती है।”नर्मदा नदी न केवल जल की धारा है, बल्कि वह जीवन, ऊर्जा और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। नर्मदा

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